शकट योग, पक्षी योग, शृंगटक योग, कमल योग, केदार योग, पर्वत योग, लक्ष्मी योग, लग्नाधि योग

शकट योग, पक्षी योग, शृंगटक योग, कमल योग, केदार योग, पर्वत योग, लक्ष्मी योग, लग्नाधि योग


शकट योग - लग्न तथा सातवें घर में सभी  ग्रह हों, तो जातक किसी भी व्यक्ति से काम निकालने में चतुर गिना जाता है।

पक्षी योग - चौथे तथा 10वें स्थान में सभी ग्रह हों, तो पक्षी योग बनता है। ऐसा जातक राजदूत का पद तथा प्रसिद्धि प्राप्त करता है।

शृंगटक योग - समस्त ग्रह 1,5,9 स्थानों में हों, तो शृंगटक योग बनता है। सेनाध्यक्ष बनता है।

कमल योग - समस्त शुभग्रह 1,4,7,10 स्थानों में हों, तो कमल योग बनता है। ऐसा जातक राज्यपाल बनता है।

केदार योग - चार राशियों में ही समस्त ग्रह स्थित हों, तो व्यक्ति बहुत बड़ा ज़मींदार बनता है।

पर्वत योग - 7वें तथा 8वें भाव में कोई ग्रह न हो तथा इन राशियों पर शुभग्रहों की दृष्टि हो, तो जातक महान् लेखक बन सकता है।

लक्ष्मी योग - लग्नेश बलवान हो तथा भाग्येश अपने मूल त्रिकोण अथवा स्वराशिस्थ हो, तो जातक महान् पराक्रमी और लक्ष्मीयुक्त होता है।

लग्नाधि योग - लग्न से 7, 8वें स्थान में शुभग्रह हों और उन पर पापग्रहों की दृष्टि न हो, तो जातक महान् विद्वान् होने के साथ-साथ सफल राजनीतिज्ञ भी होता है।

आज का पंचांग, 02 मई - 2020, शनिवार

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