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शकट योग - लग्न तथा सातवें घर में सभी  ग्रह हों, तो जातक किसी भी व्यक्ति से काम निकालने में चतुर गिना जाता है। पक्षी योग - चौथे तथा 10वें स्थान में सभी ग्रह हों,…
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सन्तानहीन योग पंचमेश नीच का हो। पंचमेश तथा सप्तमेश नीच के हों। तृतीयेश और चन्द्रमा 1, 4, 6, 10वें स्थान पर हों। बुध और लग्नेश लग्न के अलावा अन्य स्थानों पर हों। 5, 8 या…
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विवाह योग सप्तम भाव शुभ हो तथा सप्तमेश बली हो। शुक्र स्वगृही या कन्या राशि का हो।। द्वितीयेश और सप्तमेश 1,4,7, 10 स्थानों पर हों। लग्नेश लग्न में या द्वितीय भाव में हो। सप्तम स्थान…
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दिवालिया योग लग्नेश निर्बल हो तथा अष्टमेश 4,5 या 9वें स्थान पानी लाभेश व्यय भाव में हो। भाग्येश और दशमेश व्यय स्थान पर हों। पंचम स्थान में शनि तुला राशि का हो। दूसरे घर का…
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धन-सुख योग दिन में जन्म लेने वाले जातक का चन्द्रमा अपने नवांश में हो तथा उसे गुरु देखता हो, तो धन-सुख योग होता है।रात में जन्म हो, चन्द्रमा को शुक्र देखता हो, तो धन-प्राप्ति होता…
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राज योग

  • April 27th, 2020
जिस जातक की जन्मकुण्डली में चार ग्रह उच्च के या मूल त्रिकोण में बैठे होते हैं, वह अवश्य मन्त्री या राज्यपाल बनता है। शुक्र, बुध और बृहस्पति केन्द्र में हों और मंगल लग्न से दसवें…
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दीर्घायु योग पंचम में चन्द्र, 9में गुरु तथा 10वें भाव में मंगल हो। अष्टमेश अपनी राशि में हो। शनि अष्टम स्थान पर हो। अष्टमेश, लग्नेश 1,4,5,7,10 स्थानों पर हों। छठे तथा बारहवें घर का मालिक…
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दुःख योग चौथे स्थान का स्वामी पापग्रह से युक्त हो। चौथे घर में नीच का सूर्य व मंगल हो। आठवें घर का स्वामी 11वें भाव में हो। लग्न में पापग्रह हो। लग्न में शनि, आठवें स्थान…
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दरिद्र योग षष्ठेश और भाग्येश साथ हों।व्ययेश और धनेश का योग हो। . व्ययेश और दशमेश का योग हो।छठे घर का स्वामी पांचका स्वामी पांचवें घर के स्वामी के साथ हो। षष्ठेश और तृतीयेश साथ-साथ…
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माँ सीधीदात्री जय माता दी चैत्र शुक्ल नवमी  नवां आखरी नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का नवां स्वरूप आज माँ सीधीदात्री का दिवस है साथ ही आज कन्या नवमी पूजन भी है आज की देवी…
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जय माता दी चैत्र शुक्ल अष्टमी आठवां नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का आठवां स्वरूप आज माँ महागौरी का दिवस है साथ ही आज कन्या अष्टमी पूजन भी है आज की देवी माता महागौरी का…
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माँ कालरात्रि जय माता दी चैत्र शुक्ल सप्तमी सातवां नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी के सातवें स्वरूप आज माँ कालरात्रि का दिवस है                 आज की देवी माँ कालरात्रि का स्वरूप कैसा है माँ कालरात्रि रात्री…
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जय माता दी चैत्र शुक्ल षष्ठी छठा नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का छठा स्वरूप आज माँ कात्यायनी का दिवस है             आज की देवी माता कात्यायनी का स्वरूप कैसा है दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का…
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जय माता दी चैत्र शुक्ल पंचमी पांचवा नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का पांचवा स्वरूप माँ स्कंदमाता का दिवस है              आज की देवी स्कंदमाता का स्वरूप कैसा है और इन देवी की कथा क्या है…
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जय माता दी चैत्र शुक्ल चौथा नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का चौथा स्वरूप आज माँ कूष्मांडा का दिवस है             आज की देवी कूष्मांडा का स्वरूप कैसा है और इन देवी की कथा क्या है…
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जय माता दी आज की देवी माता चंद्रघंटा का स्वरूप कैसा है माँ चंद्रघंटा के मुकुट में घंटे के आकार का अर्ध चंद्र है इसी कारण देवी को चन्द्रघंटा नाम से सम्भोदीत किया जाता है…
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जय माता दी माँ भगवती आदिशक्ति जगत जननी जगदम्बा आप सभी भक्तो का कल्याण करें आप का मंगल करें . चैत्र शुक्ल द्वितीया दूसरा  नवरात्र आज माँ दुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप आज माँ ब्रह्मचारिणी…
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जय माता दी शक सम्वत 2077 नव वर्ष की आप सभी दर्शकों को शुभकामनाएँ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आज पहला नवरात्र है और आज नव दुर्गा जी के प्रथम स्वरुप माँ शैल्पुत्री का दिन है |…
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सुमाली नाम का एक राक्षस जो लंका कुल पर राक्षस का अधिपत्य चाहता था ऐसे कुल का होने के कारण उसके अंदर छल और कपट की प्रवृत्ति विद्यमान थी | इसीलिए उसने अपनी पुत्री के…
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Horoscope (कुंडली अध्ययन) एक ज्योतिषीय चार्ट या आरेख है जो किसी घटना, जैसे किसी व्यक्ति के जन्म के क्षण के समय में सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों, ज्योतिषीय पहलुओं और संवेदनशील कोणों की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता…
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भारतीय संस्कृति का आधार वेद को माना जाता है। वेद धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है बल्कि विज्ञान की पहली पुस्तक है जिसमें चिकित्सा विज्ञान, भौतिक, विज्ञान, रसायन और खगोल विज्ञान का भी विस्तृत वर्णन मिलता…
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राशि और राशिचक्र को समझने के लिए नक्षत्रों को को समझना आवश्यक है क्योकि राशि नक्षत्रों से ही निर्मित होते हैं। वैदिक ज्योतिष में राशि और राशिचक्र निर्धारण के लिए 360 डिग्री का एक आभाषीय…
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नवग्रह वैदिक ज्योतिष में सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरू, शुक्र, शनि और राहु केतु को नवग्रह के रूप में मान्यता प्राप्त है। सभी ग्रह अपने गोचर मे भ्रमण करते हुए राशिचक्र में कुछ समय के…
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अंगारक योग क्या है? जब कुंडली में राहु / केतु में से किसी एक के साथ या उनकी दृष्टि से मंगल ग्रह का संबंध बन जाए तो उस कुंडली में अंगारक योग का निर्माण कुंडली…
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जन्म कुंडली- अपने और अपने जीवन के बारे में पता करने का सबसे अच्छा तरीका है। किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली जन्म के समय ‘आकाश के नक्शे’ की तरह है। इसलिए जन्म के समय राशि चक्र…
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वास्तु शास्त्र क्या है? प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए विविध प्राकृतिक बलों जैसे जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि और आकाश के बीच परस्पर क्रिया होती है, जिसका व्यापक प्रभाव इस पृथ्वी पर रहने वाली…
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